Author Topic: अजनबी से दोस्ती  (Read 35886 times)

Offline Aisha

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अजनबी से दोस्ती
« on: December 06, 2010, 08:54:49 pm »
अजनबी से दोस्ती

प्रेषक : सुमीत सोनी

आज मैं आपको एक अपनी ही जिंदगी की सच्ची घटना सुनाता हूँ।

बात उन दिनों की है जब मेरे छमाही इम्तिहान चल रहे थे, सॉरी मैं आपको अपने बारे में बताना भूल गया कि मैं बी.ई. इंदौर का छात्र हूँ। जब मेरी परिक्षाएँ चल रही थी तब मेरा दोस्त और मैं साथ में पढ़ा करते थे। तब अचानक बातों ही बातों में मैंने कहा- यार, कोई लड़की का नंबर हो तो दे समय बिताने के लिए !

तो वो मुझसे बोला- है तो एक नंबर ! मगर तू बात कैसे करेगा?

मैंने कहा- तू दे तो ! मैं कर लूँगा !

मैंने उस लड़की को एक गलत नाम से फ़ोन लगाया और फ़ोन पर उसकी बहुत तारीफ की। मैंने उसे देखा नहीं था कभी लेकिन फिर भी कल्पना से ही उसकी तारीफ की। उसे अच्छा लगने लगा। वो शायद मुझसे प्रभावित हो गई थी। अगर मैं फ़ोन काट देता था तो वो खुद फ़ोन लगा लेती थी। शायद उसे भी कोई चाहिए था।

कुछ दिनों तक बातों का सिलसिला यूँ ही चलता रहा। फिर एक दिन मैंने उससे उसकी फोटो मांगी ताकि मैं उसे देख सकूँ तो जब उसने उसकी फोटो मेल की मुझे, तो मेरे तो होश ही उड़ गए। क्या गज़ब फिगर था उसका 36-24-34 मैं तो उसे देख कर दंग रह गया। इतनी खूबसूरत बाला मैंने आज तक नहीं देखी थी। मेरी जितनी भी गर्लफ्रेंड आज तक बनी हैं, उनमें से सबसे बड़ी चूचियाँ इसी की थी। फिर मैं इसे कैसे बिना चोदे छोड़ देता।

मेरे दिमाग में एक विचार आया। सॉरी, मैं नाम बताना तो भूल गया। ऋतू नाम था उसका।

मैंने उसे डेट पर बुलाया। वो मुझसे प्रभावित तो हो ही चुकी थी, बस हमें बहाना चाहिए था मिलने का ! मैंने उसे ऐसी जगह मिलने बुलाया जहाँ पर कोई आता जाता न हो। वो जगह बहुत दूर थी इसलिए मैं उसे लेने उसके हॉस्टल गया। वो बी कॉम कर रही थी। वो मेरे घर से ज्यादा दूर नहीं रहती थी। मैंने अपनी कार उठाई और उसे डेट पर ले जाने के लिए चल पड़ा। जब मैं उसके हॉस्टल के नीचे पंहुचा तो मैंने होर्न दे कर उसे नीचे बुलाया। क्या मस्त मॉल लग रही थी वो ! उसने सलवार सूट पहना था और वो अपने स्तन तो चुन्नी से ढकने की नाकाम कोशिश कर रही थी। वो मुझे अपनी गोलाइयों के दर्शन करवाना चाहती थी।

हम चल पड़े। इंदौर के बाहर एक जंगल पड़ता है जहाँ कोई नहीं आता, बैठने और बातें करने की अच्छी जगह है वहाँ ! मैंने एक जगह पेड़ के नीचे गाड़ी रोक दी तो वो मुझसे कहने लगी- गाड़ी क्यों रोक दी तुमने? क्या चल रहा है तुम्हारे मन में ? ह्म्म्म बोलो बोलो !

मैंने कहा- मैं तुम्हें किस करना चाहता हूँ ! तुम मना तो नहीं करोगी ?

जब उसने कुछ नहीं कहा तो मैंने उसकी चुप्पी को उसकी हाँ समझी और उसे एक जबरदस्त चुम्मा दे दिया। एक सेकंड बाद हम अलग हो गए। फिर मैंने उससे कहा- तुमने कभी किसी को किस किया है ?

उसने कहा- नहीं !

तो मैंने पूछा- तुम्हें कितने प्रकार के चुम्बन आते हैं?

उसने कहा- वो अभी किया वैसे ही !

मैंने उसे कहा- मैं बताऊँ कि चुम्बन कितने प्रकार के होते हैं?

तो वो मान गई।

फिर मैंने उसे पाँच तरह के चुम्बन करके बताये- फ्रेंच, स्मूचिंग, लिप्स टचिंग, इंडियन, टंग राउन्डिंग ।

फिर हम दोनों के जिस्म गरम हो गए, वासना की आग बढ़ चुकी थी, हमारे जिस्म हमारे काबू में नहीं थे और फिर हमने जो किया उसकी तो कल्पना भी नहीं की जा सकती। आम तौर पर जब यौन-भावना जगती है तो लोग सेक्स करते वक़्त लड़की या लड़के के कपड़े उतारते हैं, बड़े प्यार से चूमा-चाटी करते हैं पूरे बदन को ! मगर हमारे किस्से में ऐसा कुछ नहीं हुआ। मैं तो हैरान हो गया था उसे देख कर !

वो पहले भी मेरे दोस्तों के साथ, जिन्होंने उसका नंबर दिया था, सेक्स कर चुकी थी। उसे अनुभव था। वो मुझ पर टूट पड़ी, मेरे शर्ट के बटन तोड़ दिए, मेरे कपड़े फाड़ दिए, बिल्कुल जंगली सेक्स चल रहा था। ऐसा लग रहा था जैसे वो मेरा खून कर देगी ! उस पर सेक्स पूरी तरह से हावी हो चुका था। मैंने उसके कपड़े उतरने चाहे तो उसने खुद ही खींच-खींच के उतार दिए और कहने लगी- आज मुझे बहुत दिनों बाद चुदने का मौका मिला है, आज मेरी तन की आग बुझा दो मेरे ड्रीम बॉय !

मैंने भी फिर शर्म छोड़ दी और उसे अपने नीचे पटक कर अपना लौड़ा उसके मुँह में रख दिया। वो 5 रुपए वाली चोकोबार की तरह उसे चूसने लगी। मैंने उसकी पैंटी उतार कर उसकी चूत के दाने पर हाथ रखा तो वो मचल गई और चोदो मुझे-चोदो मुझे ! कहने लगी।

मैंने अपन लौड़ा उसके मुँह में से निकाल कर उसकी चूत पर रख दिया और एक ही धक्के में मेरा लंड उसकी चूत में समां गया। मैं सातवें आसमान पर था। इसका आनंद वही ले सकता है जिसने कभी चुदाई की हो। उसकी नशीली आवाज़ें मुझे रफ़्तार बढ़ाने पर मजबूर करने लगी।करीब बीस मिनट के बाद वो झड़ गई और मुझे कहने लगी- अपना वीर्य मेरे मुँह में डालना ! चूत में नहीं ! वरना गड़बड़ हो जाएगी !

मगर शायद गड़बड़ होनी ही थी, मुझे अपनी धक्कों की रफ़्तार में ध्यान ही नहीं रहा कि कब मेरा पूरा वीर्य उसकी चूत में भर गया। उसे भी राहत मिली और मुझे भी।

मगर जब होश आया तो उसने देखा कि उसकी चूत मेरे वीर्य से भरी हुई थी। वो रोने लगी, कहने लगी- यह क्या किया तुमने ? मैंने मना किया था ना? अब मैं प्रेग्नेंट हो जाउंगी, तुम मुझसे शादी करोगे अभी?

मैंने उसे दिलासा दिया और कहा- कुछ नहीं होगा, हम शादी करेंगे लेकिन अभी नहीं ! मुझ पर भरोसा रखो !

तो वो मान गई और अचानक कार के दरवाजे पर किसी ने ठक-ठक किया- ठक ठक - ठक ठक !

हम डर गए !

आगे क्या हुआ वो तो सोचा भी नहीं था। अचानक हुए इस ठक-ठक ने हमारे होश उड़ा दिए जिसके बारे में मैं आपको अगले भाग में बताऊंगा।

मुझे मेल कीजियेगा।

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अजनबी से दोस्ती
« on: December 06, 2010, 08:54:49 pm »

Offline Munazir

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Re: अजनबी से दोस्ती
« Reply #1 on: January 03, 2011, 11:10:54 pm »
Good story

Offline PKJMKJ

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Re: अजनबी से दोस्ती
« Reply #2 on: February 19, 2020, 02:34:38 pm »
please continue

 

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